Archive For The “AncientHistoryHindi” Category

गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

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Contents1 गौतम बुद्ध का जन्म2 गृह-त्याग और शिक्षा ग्रहण3 ज्ञान प्राप्ति4 प्रथम उपदेश5 मृत्यु6 निर्वाण-प्राप्ति7 अष्टांगिक मार्ग (Astangik Marg)8 बौद्ध सभाएँ गौतम बुद्ध का जन्म बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे. गौतम बुद्ध का जन्म 567 ई.पू. (born, according to Wikipedia) कपिलवस्तु के लुम्बनी नामक स्थान पर हुआ था. इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था. गौतम बुद्ध का विवाह … Read More

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भारत के ऐतिहासिक स्थल

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Contents1 1. मोहनजोदड़ो (Mohenjo-daro)2 २. अहमदनगर (Ahmednagar)3 ३. नचना (Nachna)4 ४. थानेश्वर (Thaneshwar)5 ५. बनवाली (Banawali)6 ६. चेदि (Chedi)7 7. चंपानेर (Champaner)8 8. गजनी (Ghazni)9 9. देवगिरि (Devagiri)10 10. रामेश्वरम् (Rameshwaram) सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) में मेंस और प्री दोनों में भारत के ऐतिहासिक स्थल (Historical Places of India) के सवाल जरुर पूछे जाते हैं. मेंस में कई … Read More

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पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल के विषय में स्मरणीय तथ्य

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Contents1 पुरापाषाण (Paleolithic Age)1.1 Paleolithic Age Facts2 मध्यपाषाण युग (Mesolithic Age)2.1 Mesolithic Age Facts3 नवपाषाण काल (Neolithic Age)3.1 Neolithic Age Facts आज हम आपको पुरापाषाण (Paleolithic Age), मध्यपाषाण (Mesolithic Age) और नवपाषाण (Neolithic Age) काल के विषय में Hindi में बताने जा रहे हैं. पुरातत्त्वविदों ने पाषाण युग को इन तीन भागों में बाँटा है. यह बहुत ही interesting topic … Read More

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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना

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मुहम्मद तुगलक के शासनकाल (1324-1351 ई.) के अंतिम समय में (उसकी गलत नीतियों के कारण) जब अधिकाँश स्थानों पर अव्यवस्था फैली और अनेक प्रदेशों के शासकों ने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया तो दक्षिण के हिन्दू भी इससे लाभ उठाने से नहीं चूके. उन्होंने विजयनगर साम्राज्य (Vijayanagar Empire) की स्थापना सन 1336 ई. में पाँच भाइयों (हरिहर, कंपा प्रथम, … Read More

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बिंदुसार (298 ई.पू. – 273 ई.पू.) का जीवन

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Contents1 इतिहासकारों का मत2 बिंदुसार का राज्यकाल3 विद्रोहों का दमन4 विदेशी देशों से संबंध5 मृत्यु चन्द्रगुप्त के बाद उसका पुत्र बिंदुसार (Bindusara) सम्राट बना. आर्य मंजुश्री मूलकल्प के अनुसार जिस समय चन्द्रगुप्त ने उसे राज्य दिया उस समय वह अल्प-व्यस्क था. यूनानी लेखकों ने उसे अमित्रोचेडस (Amitrochades) अथवा अमित्राचेटस (Amitrachates) या अलित्रोचेडस (Allitrochades) के नाम से पुकारा है. विद्वानों के … Read More

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भारत पर हूणों का आक्रमण और उसका प्रभाव

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Contents1 हूण कौन थे?2 भारत पर आक्रमण3 हूणों के आक्रमणों का प्रभाव3.1 ऐतिहासिक प्रकरणों का विनाश3.2 राजनीतिक प्रभाव3.3 सांस्कृतिक प्रभाव आज हम इस पोस्ट में जानने कि कोशिश करेंगे कि हूण कौन थे, ये कहाँ से आये और भारत पर इनके आक्रमण (Huna Invasion) से भारतीय राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा? हूण कौन थे? हूण मूलतः मध्य … Read More

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तमिल भाषा और संगम साहित्य

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दक्षिण भारत की सर्वाधिक प्राचीन भाषा संभवतः तमिल थी. विद्वानों की राय है कि संभवतः स्थानीय भाषाओं के रूप में यहाँ तेलगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाएँ भी प्रयोग में आती रहीं. वैदिक संस्कृति से सम्पर्क के बाद यहाँ संस्कृत भाषा के अनेक शब्द अपनाए गए और ई.पू. तीसरी शताब्दी में 44 वर्णों पर आधारित एक लिपि का विकास किया गया. … Read More

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समुद्रगुप्त और उसकी विजयें

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Contents1 समुद्रगुप्त2 समुद्रगुप्त की विजयें (Conquests)2.1 उत्तर भारत की विजय2.2 पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश की विजय2.3 मध्य भारत के अन्य नरेशों के राज्यों की विजय2.4 सीमान्त कबीलाई राज्यों पर विजय2.5 दक्षिण भारत के राज्यों की विजय2.6 विदेशी शक्तियों व श्रीलंका से सम्बन्ध समुद्रगुप्त महाराजा चन्द्रगुप्त का पुत्र और उत्तराधिकारी था. हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग स्तम्भ प्रशस्ति की चौथी पंक्ति … Read More

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गुप्त साम्राज्य – Gupta Empire के प्रमुख शासक

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Contents1 चन्द्रगुप्त प्रथम2 समुद्रगुप्त3 चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)4 कुमारगुप्त प्रथम5 स्कन्दगुप्त चौथी शताब्दी में उत्तर भारत में एक नए राजवंश का उदय हुआ. इस वंश का नाम गुप्तवंश था. इस वंश ने लगभग 300 वर्ष तक शासन किया. इस वंश के शासनकाल में अनेक क्षेत्रों का विकास हुआ. इस वंश के संस्थापक श्रीगुप्त थे. गुप्त वंशावली में श्रीगुप्त, घटोत्कच, चन्द्रगुप्त प्रथम, … Read More

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बुद्ध के उपदेश – Teachings of Buddha in Hindi

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बुद्ध ने बहुत ही सरल और उस समय बोली जाने वाली भाषा पाली में अपना उपदेश दिया था. यदि आपको परीक्षा में सवाल आये कि बुद्ध ने उपदेश किस भाषा में दिया था तो उसका उत्तर पाली होगा, नाकि संस्कृत या हिंदी. चूँकि पाली भाषा उस समय की आम भाषा थी तो इसके चलते बुद्ध के उपदेश का प्रसार दूर-दूर … Read More

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सम्राट अशोक के विषय में व्यापक जानकारी, कलिंग आक्रमण और शिलालेख

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अशोक (लगभग 273-232 ई.पू.) मौर्य वंश का तीसरा सम्राट था. मौर्य वंश के संस्थापक उसके पितामह चन्द्र गुप्त मौर्य (लगभग 322-298 ई.पू.) थे. चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद उसका पिता बिन्दुसार (लगभग 298 ई.पू.-273 ई.पू.) गद्दी पर बैठा था. सिंहली इतिहास में सुरक्षित जनश्रुतियों के अनुसार अशोक अपने पिता बिन्दुसार के अनेक पुत्रों में से एक था और जिस समय बिन्दुसार … Read More

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