Archive For The “MedievalHistoryHindi” Category

अकबर का जीवनकाल और साम्राज्य

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Contents1 अकबर का उत्तर भारत पर विजय2 दक्षिण भारत पर विजय और अकबर की मृत्यु3 अकबर का साम्राज्य4 कुशल प्रशासक5 दीन इलाही अकबर का उत्तर भारत पर विजय अकबर मुग़लवंश का तीसरा बादशाह था. वह अपने पिता हुमायूं की मृत्यु के बाद 1556 ई. में सिंहासन पर बैठा. उस समय उसके अधीन कोई ख़ास इलाका नहीं था. उसी वर्ष पानीपत … Read More

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बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

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अठारहवीं सदी के आते-आते मराठा साम्राज्य की आंतरिक एकता छिन्न-भिन्न हो गयी और विकेंद्रीकरण की शक्ति प्रबल हो गयी थी. जब मराठा संघ ऐसी बुरी स्थिति से गुजर रहा था तो वेलेजली जिया साम्राज्यवादी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर जनरल बनकर आया. उसने आते ही मराठों के ऊपर भी अपना साम्राज्यवादी चक्र चलाना शुरू किया . जब तक नाना फड़नवीस … Read More

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सिख धर्म का संक्षिप्त इतिहास और व्यापक जानकारी

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Contents1 गुरु नानक2 गुरु अंगद3 गुरु अमरदास4 गुरु रामदास5 गुरु अर्जुन 6 गुरु हरगोविंद7 गुरु हरराय और गुरु किशन8 तेग बहादुर9 गुरु गोविन्द सिंह10 सिख धर्म पर प्रहार – काला इतिहास (Black History) सिख धर्म के लोग गुरुनानक देव के अनुयायी हैं. गुरुनानक देव का कालखंड 1469-1539 ई. है. सिख धर्म के लोग मुख्यतया पंजाब में रहते हैं. वे सभी … Read More

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तीनों पानीपत युद्धों का संक्षिप्त विवरण

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आज इस पोस्ट में हम पानीपत की पहली, दूसरी और तीसरी लड़ाई (Panipat First, Second and Third War) की कहानी आपके सामने रखेंगे. इन युद्धों के क्या कारण थे, ये युद्ध किनके बीच हुआ और इन युद्धों के क्या परिणाम निकले, इन सब तथ्यों की चर्चा करेंगे. भारतीय इतिहास में ये तीनों युद्ध बहुत महत्त्वपूर्ण हैं. पेश है आपके सामने … Read More

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शाहजहाँ का शासनकाल : मुग़ल साम्राज्य का स्वर्णयुग?

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Contents1 शाहजहाँ और स्वर्णयुग – पक्ष1.1 साम्राज्य विस्तार1.2 उत्तम प्रशासनिक व्यवस्था1.3 मनसबदारी प्रथा में सुधार1.4 सम्पन्नता का काल 1.5 व्यापार का विकास1.6 निष्पक्ष न्याय-प्रणाली1.7 शिक्षा का प्रचार1.8 साहित्य का विकास1.9 कला2 विपक्ष में तर्क शाहजहाँ का शासनकाल 1628 ई. से 1658 ई. (according to wikipedia) तक था. ऐसा कहा जाता है कि उसके तीस वर्ष के शासन में भारत की समृद्धि … Read More

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मनसबदारी व्यवस्था क्या थी?

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Contents1 अकबर जागीरदारी प्रथा के स्थान पर मनसबदारी प्रथा लाया2 मनसब शब्द का अर्थ3 मनसबदारी व्यवस्था की विशेषताएँ3.1 मनसबदारों का श्रेणियों में विभाजन3.2 मनसबदारों की नियुक्ति3.3 मनसबदारों का वेतन3.4 मनसबदारों के कार्य3.5 मनसबदारों पर पाबंदी3.6 मिश्रित सवार3.7 अनेक तरह के सैनिक कार्य करने वालों की भर्ती4 मनसबदारी प्रथा के दोष मुगलों द्वारा विकसित मनसबदारी व्यवस्था (Mansabdari System) ऐसी थी जिसका भारत … Read More

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शिवाजी की जीवनी

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Contents1 शिवाजी का बचपन2 शिक्षा3 चरित्र-विकास4 मराठा रक्त5 विवाह6 शिवाजी का मूल्यांकन7 मृत्यु शिवाजी का जन्म शाहजी भोंसले की प्रथम पत्नी जीजाबाई की कोख से 10 अप्रैल, 1627 ई. को शिवनेर के दुर्ग में हुआ था. शिवनेर का दुर्ग पूना से उत्तर जुन्नार नगर के पास था. उनकी जन्म-तिथि के सम्बन्ध में इतिहासकारों के बीच मतभेद है. कई जन्म-तिथियों का … Read More

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सूफी मत – सूफी विचारधारा

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Contents1 सूफी मत की नींव1.1 आइने अकबरी1.2 सूफीवाद की तीन सीढियाँ1.3 फरीदुद्दीन की सात घाटियाँ2 SUFI ORDERS2.1 चिश्ती सिलसिला2.1.1 मुइनुद्दीन चिश्ती2.1.2 निजामुद्दीन औलिया2.2 सुहारवर्दी सिलसिला (Suhrawardiyya)2.3 कादिरी सिलसिला2.4 कुब्रबिया सिलसिला2.5 फिरदौस सिलसिला2.6 नक्शबंदी सिलसिला भारत में आने से पहले सूफी मत ने स्वयं को पूर्ण रूप से विकसित कर लिया था. बारहवीं सदी में भारत में आने से पूर्व तक … Read More

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बक्सर का युद्ध

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Contents1 भूमिका और कारण2 मीरकासिम, शुजाउद्दौला और शाहआलम3 बक्सर का युद्ध4 शुजाउद्दौला और अंग्रेजों की संधि5 परिणाम (Results) आज हम बक्सर के युद्ध (Battle of Buxar) के बारे में चर्चा करेंगे. मैं आज ही अपना पोस्ट देख रहा था तो मैंने पाया कि मैंने मध्यकालीन इतिहास के कई छोटे-छोटे युद्ध के विषय में लिख डाला है पर बक्सर का युद्ध … Read More

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चैतन्य महाप्रभु के विषय में जानकारी

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चैतन्य महाप्रभु (Chaitanya Prabhu) के विषय में आज संक्षिप्त जानकारी (Brief Information), उनकी जीवनी (biography in Hindi) के विषय में हम चर्चा करेंगे. महाप्रभु वैष्णव सम्प्रदाय संतों में सर्वाधिक महान और लोकप्रिय संत थे. चैतन्य महाप्रभु की जीवनी Biography उनका जन्म 18 फरवरी, 1486 ई. को हुआ था. उनके पिता का नाम जगन्नाथ मिश्र और माता का नाम शची देवी था. … Read More

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अमीर खुसरो की रचनाएँ

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Contents1 अमीर खुसरो का झुकाव2 अमीर खुसरो की किताबें2.1 किरान-उस-सादेन2.2 मिफता-उल-फुतूह2.3 खजाइन-उल-फुतूह2.4 आशिका2.5 तुगलकनामा दिल्ली सल्तनतकालीन अन्य लेखकों में अमीर खुसरो का नाम सर्वाधिक उल्लेखनीय है. जबकि सही अर्थों में वह इतिहासकार नहीं था. उनका जन्म 1253 ई. में हुआ था. वह एक ऐसे परिवार में पैदा हुए थे जिसका कई पीढ़ियों से राजदरबार से घनिष्ठ सम्बन्ध था. वह कैकूबाद, … Read More

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