Archive For The “ModernHistoryHindi” Category

भारत छोड़ो आन्दोलन

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भारत छोड़ो आन्दोलन – भूमिका भारत के इतिहास में 1942 की अगस्त क्रान्ति (August Revolution) एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है. इस क्रांति का नारा था “अंग्रेजों भारत छोड़ो (Quit India)“ और सचमुच ही एक क्षण तो ऐसा लगने लगा कि अब अंग्रेजों को भारत से जाना ही पड़ेगा. द्वितीय विश्वयुद्ध (Second Word War) में जगह-जगह मित्रराष्ट्रों की पराजय से … Read More

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सविनय अवज्ञा आन्दोलन

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असहयोग आन्दोलन के पश्चात् भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संघर्ष चलता रहा और 1930 ई. तक कांग्रेस ने भारत की स्वतंत्रता के लिए सरकार से कई माँगें कीं, लेकिन कांग्रेस की सभी माँगें सरकार द्वारा ठुकरा दी जाती थीं. जनता के मन में यह बात घर कर गई थी कि सरकार को कुछ करने के लिए मजबूर किया ही जाना चाहिए. … Read More

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असहयोग आन्दोलन 1920

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प्रथम विश्वयुद्ध (First World War) के बाद महात्मा गाँधी ने भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और अब कांग्रेस की बागडोर उनके हाथों में आ गई.  महात्मा गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक नयी दिशा ग्रहण कर ली. राजनीति में प्रवेश के पहले महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका में सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का प्रयोग कर चुके थे. उन्होंने विश्वयुद्ध में … Read More

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यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का भारत में आगमन

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प्राचीन काल से ही भारत का व्यापारिक सम्बन्ध पश्चिमी देशों से था. 1498ई. में Vasco-Da-Gama नामक पुर्तगाली (Portuguese) कालीकट पहुँचा (SSC Grad. 3 2003). 1500 ई. में पुर्तगाली व्यापारियों ने कोचीन में एक कोठी बनायी. 1506 ई. में गोवा नगर पर उन्होंने कब्ज़ा कर लिया. अल्बूकर्क के समय पुर्तगाली शक्ति का काफी विकास हुआ. पुर्तगालियों की बढ़ती हुई शक्ति से बीजापुर, अहमदनगर और कालीकट के शासक … Read More

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स्वराज दल की स्थापना, उद्देश्य और पतन

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1921 ई. में महात्मा गाँधी द्वारा असहयोग आन्दोलन (Non Cooperation Movement) को बंद किये जाने के कारण बहुत-से नेता क्षुब्ध हो गए. इसी कारण कुछ नेताओं ने मिलकर एक अलग दल का निर्माण किया, जिसका नाम स्वराज दल रखा गया. इस दल की स्थापना 1 जनवरी, 1923 को देशबंधु चित्तरंजन दास तथा पं. मोतीलाल नेहरु ने की. इस दल का … Read More

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साइमन कमीशन

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1927 में वाइसराय लार्ड इरविन ने महात्मा गांधी को दिल्ली बुलाकर यह सूचना दी कि भारत में वैधानिक सुधार लाने के लिए एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसके लिए एक कमीशन बनाया गया है जिसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन होंगे. साइमन कमीशन/Simon Commission की एक मुख्य विशेषता यह थी कि उसके सदस्यों में केवल अँगरेज़ ही अँगरेज़ थे. … Read More

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वारेन हेस्टिंग्स, कार्नवालिस, विलियम बेंटिक और लॉर्ड डलहौजी के सुधार

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अंग्रेज़ सर्वप्रथम भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से आये, लेकिन यहाँ की बिगड़ती हुई राजनीतिक स्थिति और देशी राज्यों के आपसी फूट का लाभ उठाकर यहाँ बिटिश सत्ता की स्थापना कर ली. अंग्रेजों को सबसे पहले बंगाल में पैर जमाने का मौका मिला और उसके बाद तो वे पूरे भारत में धीरे-धीरे फ़ैल गए. भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के … Read More

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आधुनिक भारतीय शिक्षा का विकास

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Contents1 वुड्ज डिस्पैच 1854-Wood Despatch of 18542 हंटर कमीशन 1882- Hunter Education Commission3 हार्टोग कमेटी 1929- The Hartog Committee Report4 सार्जेंट प्लान 1944- Sargent Scheme/Plan/Commission5 विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग [राधाकृष्णन आयोग] 1948-49- ‘Radhakrishnan Commission’6 मुदालियर आयोग [माध्यमिक शिक्षा आयोग] 1952-53 Mudaliar Commission Recommendations7 कोठारी आयोग [राष्ट्रीय शिक्षा आयोग] 1964-66 Kothari Commission Recommendations8 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968- National Policy on Education9 शिक्षा कार्यदल 1985- Working group 198510 राष्ट्रीय शिक्षा-नीति … Read More

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स्थायी बंदोबस्त क्या है?

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लॉर्ड कार्नवालिस का शासनकाल अपने प्रशानिक सुधारों के लिए हमेशा याद किया जायेगा. उसने साम्राज्य विस्तार की और अधिक ध्यान न देकर आंतरिक सुधारों की ओर विशेष ध्यान दिया. कम्पनी शासन में निष्पक्षता और दृढ़ता लाने में उसे काफी सफलता मिली. उसने कम्पनी की सेवा, लगान व्यवस्था, न्याय और व्यापार सम्बन्धी अनेकों सुधार किये. लगान व्यवस्था के क्षेत्र में उसके … Read More

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Subhash Chandra Bose के विषय में रोचक जानकारियाँ

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आजादी के लिए संघर्ष के दौरान Subhash Chandra Bose के  नारे  “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” ने करोड़ों भारतीयों के दिल में देशभक्ति की आग प्रज्वलित कर दी थी. आज भी ये शब्द आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ करने को प्रेरित करते हैं. इस नारे  को जिन्होंने गढ़ा वह Subhash Ji एक सच्चे देशभक्त और सिद्धांतवादी … Read More

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1935 ई. से 1947 ई. तक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास

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Contents1 क्रिप्स योजना (Cripps Mission)2 भारत छोड़ो आन्दोलन (Quit India Movement)3 वैवेल घोषणा (Wavell Plan)4 आजाद हिन्द फौज (Azad Hind Fauj)5 ब्रिटिश प्रधानमंत्री की घोषणा6 मंत्रिमंडल मिशन का आगमन  1935 ई. के पूर्व महात्मा गाँधी द्वारा संचालित सविनय अवज्ञा आन्दोलन की प्रगति चरम सीमा पर थी. भारतीयों को संतुष्ट करने के लिए अंग्रेजी सरकार अनेक प्रयास कर रही थी. उसी … Read More

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