Archive For December 25, 2018

प्रथम विश्वयुद्ध [1914-18]

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Contents1 प्रथम विश्वयुद्ध की भूमिका (Background of First World War)2 Causes of World War I2.1 1. उग्र राष्ट्रीयता (Furious Nationality)2.2 2. आर्थिक प्रतिद्वंदिता (Economic Rivalry)2.3 3. साम्राज्यवादी होड़ (Imperialist Competition)2.4 4. सैन्यवाद और शस्त्रीकरण (Militarism and Armament)2.5 5. समाचारपत्रों का झूठा प्रचार (Newspapers’ False Propaganda)2.6 6. फ्रांस की बदले की भावना (France’s Revenge Spirit)2.7 7. अंतर्राष्ट्रीय अराजकता (International Anarchy)2.8 8. … Read More

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[विश्व इतिहास] फ्रांस की क्रांति – 1789 French Revolution

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Contents1 फ्रांस की क्रांति (French Revolution): भूमिका 1.1 राजनैतिक कारण1.2 सामजिक कारण1.3 आर्थिक कारण1.4 बौधिक जागरण 1.5 सैनिकों में असंतोष2 फ्रांसीसी क्रांति के परिणाम फ्रांस की क्रांति (French Revolution): भूमिका 18वीं शताब्दी के 70-80 के दशकों में विभिन्न कारणों से राजा और तत्कालीन राजव्यवस्था के प्रति फ्रांस के नागरिकों में विद्रोह की भावना पनप रही थी. यह विरोध धीरे-धीरे तीव्र होता … Read More

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इटली का एकीकरण – Unification of Italy

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Contents1 इटली के एकीकरण का प्रथम चरण2 इटली के एकीकरण का द्वितीय चरण3 इटली के एकीकरण का तृतीय चरण4 इटली के एकीकरण का चतुर्थ चरण4.1 इटली के एकीकरण में Camillo Benso, Count of Cavour का योगदान4.2 इटली के एकीकरण में गैरीबाल्डी/Giuseppe Garibaldi का योगदान4.3 इटली के एकीकरण में मेजिनी/Giuseppe Mazzini का योगदान एकीकरण के पूर्व इटली एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. … Read More

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अमेरिका का स्वतंत्रता-संग्राम – American Revolution

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Contents1 American Revolution’s Causes1.1 i) धार्मिक मतभेद1.2 ii) सामाजिक भिन्नता1.3 iii) असंतोषजनक शासन-प्रणाली1.4 iv) जातीय समानता1.5 v) उपनिवेशवासियों का ब्रिटेन के प्रति रुख1.6 vi) स्वायत्त शासन की भावना का विकास1.7 vii) बुद्धिजीवी वर्ग का नेतृत्व1.8 viii) व्यापारिक एवं औद्योगिक प्रतिबंध1.9 ix) सप्तवर्षीय युद्ध के परिणाम1.10 x) तात्कालिक कारण आपको पता ही होगा कि क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने अमेरिका का पता लगाया … Read More

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यूरोप का पुनर्जागरण – Renaissance in Europe

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Contents1 यूरोप में पुनर्जागरण के कारण (Causes of Renaissance in Europe)1.1 1. व्यापार तथा नगरों का विकास 1.2 2. पूरब से संपर्क1.3 3. मध्यकालीन पंडितपंथ की परम्परा1.4 4. कागज़ तथा मुद्रण कला का आविष्कार1.5 5. मंगोल साम्राज्य का सांस्कृतिक महत्त्व1.6 6. कुस्तुनतुनिया का पतन1.7 7. प्राचीन साहित्य की खोज1.8 8. मानववादी विचारधारा का प्रभाव1.9 10. सामंतवाद का ह्रास पुनर्जागरण (Renaissance in Europe) … Read More

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जर्मनी का एकीकरण – Unification of Germany

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Contents1 1830 ई. की क्रांति2 1848 ई. की क्रांति3 जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका (Role of Bismarck in Unification of Germany)4 नेपोलियन प्रथम का योगदान5 वियना कांग्रेस के निर्णय के विरुद्ध जर्मनी में प्रतिक्रिया 19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में जर्मनी भी इटली की तरह एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. जर्मनी अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था. इन राज्यों में एकता … Read More

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बोस्टन की चाय-पार्टी की घटना क्या थी?

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ब्रिटिश संसद ने चाय के व्यापार के सम्बन्ध में नया कानून बनाया था. इस कानून के अनुसार ईस्ट इंडिया कंपनी को अमेरिका में चाय भेजने की अनुमति दी गई थी. चाय के व्यापार को बढ़ाने के लिए मूल्य में कमी की गई थी. फलस्वरूप अमेरिकनों को सस्ती चाय मिल जाती थी और ईस्ट इंडिया कंपनी को भी आर्थिक लाभ हो … Read More

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इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति -Glorious Revolution 1688

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Contents1 इंग्लैंड की क्रांति संक्षेप में2 1688 ई. की क्रांति के कारण2.1 जेम्स द्वितीय की धार्मिक नीति2.2 फ्रांस के साथ मैत्री सम्बन्ध2.3 टेस्ट एक्ट के प्रति उदासीनाता2.4 निलंबन और विमोचन के अधिकार का प्रयोग2.5 विश्वविद्यालय में हस्तक्षेप 2.6 धार्मिक न्यायालय की स्थापना2.7 स्थायी सेना में वृद्धि2.8 स्कॉटलैंड और आयरलैंड के प्रति नीति 2.9 चुनाव में हस्तक्षेप2.10 सात पादरियों का मुकदमा 2.11 पुत्र का … Read More

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औद्योगिक क्रांति – Industrial Revolution

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Contents1 औद्योगिक क्रांति2 कारण2.1 मध्यम वर्ग का उदय2.2 पूँजी की अधिकता2.3 वस्तुओं की बढ़ती हुई माँग2.4 कृषि-क्रांति का प्रभाव2.5 कुशल कारीगर2.6 कच्चे माल की सुविधा2.7 जनसंख्या में वृद्धि2.8 वनिक संघ का पतन3 परिणाम3.1 आर्थिक परिणाम3.2 सामाजिक परिणाम “क्रांति” शब्द से साधारणतया आकस्मिक उथल-पुथल का बोध होता है. लेकिन औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के साथ हम वैसी बात नहीं पाते हैं. … Read More

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यूरोपियन यूनियन (European Union) का विकास और उसके अंग

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Contents1 परिचय2 यूरोपियन यूनियन का विकास 2.1 पेरिस की संधि(1951)2.2 रोम की संधि(1957)2.3 मास्त्रिच की संधि -19932.4 लिस्बन की संधि – 20093 यूरोपियन यूनियन के अंग4 यूरो जोन (यूरोपीय आर्थिक समुदाय)5 यूरोपीय संघ के अन्य कुछ संगठन6 यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ7 निष्कर्ष परिचय यूरोपियन यूनियन यूरोपीय देशों का राजनैतिक व आर्थिक संगठन है. इसका विकास विभिन्न स्तरों पर हुआ है … Read More

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Subhash Chandra Bose के विषय में रोचक जानकारियाँ

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आजादी के लिए संघर्ष के दौरान Subhash Chandra Bose के  नारे  “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” ने करोड़ों भारतीयों के दिल में देशभक्ति की आग प्रज्वलित कर दी थी. आज भी ये शब्द आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ करने को प्रेरित करते हैं. इस नारे  को जिन्होंने गढ़ा वह Subhash Ji एक सच्चे देशभक्त और सिद्धांतवादी … Read More

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